Friday, February 23, 2024
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Hindi Shayari collection! Romantic Shayari on Love in Hindi

Hindi Shayari Collection! Romantic Shayari on Love in Hindi

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Romantic Shayari on Love in Hindi

Hindi Shayari collection
कुछ और पूछिये, ये हकीकत न पूछिये।।
क्यों मुझको आपसे है मोहब्बत? ये न पूछिये।
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एक लब्जे-मोहब्बत का अदना सा फसाना है।
सिमटे तो दिल आशिक, फैले तो जमाना है।
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तुम तो खफा हो, हमको गले से लगाये कौन।
यार रब! मेरे इस दिल की लगी को बुझाये कौन?
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आपको जाते हुए देखके संभलेगा, न दिल।
इसको बातों में लगातूं तो चले जाइयेया॥
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खुदा के बन्दे भी, काबे में अब नहीं मिलते।
सनमकदे में खुदा भी बनाये जाते हैं।।
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मिरे अल्लाह! शायद तेरा कोई खास मकसद था।
मेरी फूटी हुई तकदीर से, टूटे हुए दिल से॥
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ऊंचे-ऊंचे मुजरिमों की पूछ होगी हश्र में।
कौन पंछेगा मुझे मैं किन गुनहगारों में हं॥     
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सनते हैं जो बहिश्त की तारीफ सब दुरुस्त।
लेकिन खुदा करे, तेरी जल्वागाह हो।
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एक सितारा, एक कली, एक भय का कतरा, एक जुल्फ।
जब इकट्ठे हो गये, तामीरे-जन्नत हो गई।
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आज मजिस्द में, जब वो शोख परीजाद आया।
फिरन अल्लाह के बन्दों को खुदा याद आया॥
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करते हैं सिज्दे इसलिए दैरो, हरम में हम।
क्या जानिये वो शोख कहां हो, कहां न हो॥
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शक्ल तेरी देख ली और होश अपने खो दिये।
ऐ फासूगर! ये तेरी आंखें या मकनातीस हैं।
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ख्वाब में तेरी वादा तो मुझसे कर गया है वो जरूर।
देखिये, इस ख्वाब की मिलती है अब ताबीर क्या।।
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चुप है सवाले वस्ल पै, गोया जवां नहीं।
बुत बन गये जब आप तो पत्थर से क्या कहें।
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वो दर्द दिल ही है, जिससे कि खुदा पाते हैं।
खुदा भला करे उनका जो दिल दुखाते हैं।
 
 
 

Hindi Shayari Collection

 
 
ऐ बली रहने की दुनियां में मुकामे आशिक।
कूचये जुल्फ है या गोश ये तनहाई है।
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इश्क का जौके नजारा, मुफत में बदनाम है।
हुस्न खुद बेताब है, जलवा दिखाने के लिये॥
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इस ढंग से किया कीजै मुलाकात कहीं और।
दिन को तो मिलो हमसे, रहो रात कहीं और॥
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हम बन्द किये आंखें तसब्बुर में पड़े हैं।
ऐसे में कोई धम से जो आ जाये तो क्या हो॥
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मिलने का वादा उनके तो मुँह से निकल गया।
पूछी जगह जो मैंने, कहाँ हँस के ख्वाब में॥
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ख़्वाब में उनको किसी ने रात, छेड़ा है जरूर।
देखते हैं गौर से मुझको बुला कर सामने॥
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तसब्बर में, तेरी तस्वीर का होता है यह आलम।
कि जैसे अब लबे-नाजुक से कुछ इरशाद होता है।
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जैसे सागर से छलक जाये मचलती मौजें-मय।
कॉपते होठों पै उनके, मेरा नाम आ ही गया॥
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मय में वो रात कहां जो तेरे दीदार में है।
जो गिरा फिर न कभी उसको संभलते देखा।
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दोहराई जा सकेग न अब दास्ताने-इश्क।
कुछ वो कहीं से भूल गये हैं, कुछ कहीं से हम॥
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मैं हूं उस मुकाम पर अब कि फिराके वस्ल कैसे।
मेरा इश्क भी कहानी, तेरा हुस्न भी फसाना॥
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फिर इस नहीं का लुत्फ दिखायेंगे आपको।
सुनली अगर खुदा ने हमारी दुआ कभी॥
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आह वो दिन जब कि तू बेकल था मेरे वास्ते।
हाय वो रात कि तू बेताब था मेरे लिए।
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ये सब कहने की बातें हैं कि उनको छोड़ बैठे हैं।
जब आंख चार होती है, मोहब्बत आ ही जाती है।
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फिर नजर में फूल महके, दिल में जब शम्मा जली।
फिर तसब्बुर ने लिया उस बज्म में जाने का नाम।
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न जाने रात को था कौन जीनते पहलू।
मचल रही है हवा में शबाव की खुशबू॥
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इश्क की मंजिल में, इन पांवों में छाले पड़ गये।
क्या कहें ? किससे कहें? जीने के लाले पड़ गये॥
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जो होते इश्क के नहीं बन्दे, फरियाद करते हैं।
लवों पै मुहरे खामोशी दिलों में याद करते हैं।
 
 
 
 

Good Morning Love Shayari

 
बहुत चाहा था अरमानों को, दिल में ही जगह देना।
मगर निकले तो वो भी, बेमुरब्बत में सने निकले।
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तेरी फोटो पे दीवाने हुए हर होश गायव है।
अरे जालिम! ने कुछ कर बैठना तू सामने आकर ।।
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कौन जाने कब मिलेगा वह हमारा दिलरूबा।
या इसी उम्मीद पर सब जिंदगी कट जायेगी।
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तुम भी मरीजे इश्क हो, हम भी मरीजे इश्क है।
दोनों तरफ है आग एक ही लगी हुई॥
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हर जहां जोशे मोहब्बत का नया आलम हुआ।
आंख से आंसू जिगर में हाले दिल बेदम हुआ।
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वस्ल की रात चली एक न शोखी उनकी।
कुछ न बन आई, तो चुपके से कहा मान गये॥
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जुल्फ आहिस्ता झटकिये, मेरा जी डरता है।
देखिये हाथ का झटका न कमर तक पहुंचे।
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सम्हल कर जरा पांव रखिये जमीं पर।
अगर चाल बिगड़ी तो बिगड़ा चलन भी॥
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सौ हसरती से पूछना मेरा कि जाओगे।
उनको वो एक नाज से कहना कि हां चलें।।
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लव से कभी जो आह, किसी के निकल पड़ी।
आंसू की बूंद आंख से अपने निकल पड़ी।
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मैं पूछता हूं वस्ल से, कुछ तुम भी खुश हुए।
अब कहो की है शर्म बता क्यों नहीं देते॥
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कहते हैं वस्ल में तुम छेड़े ही जाते हो मुझे।
गालियां कुछ अभी पड़ जायें तो क्या बात रहे।
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बनाके तेरे बूत को, तेरी सूरत को देखा करूंगा।
तू मुझे चाहे या न चाहे, मैं तुझे चाहा करूंगा।
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बचके रहना ये हसीना, दिलफरेब है आज के आशिक साले
उसके प्यार भरी बातों में न जाना,
गंदे नाली के कीड़े हैं वो बुरी नजर वाले।
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